बांग्लादेश और 2 पाकिस्तान की कहानी!

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बांग्लादेश एशिया के दक्षिण में स्थित है। इसका पूर्व, पश्चिम और उत्तर भाग भारत से सटा हुआ है। बंगाल के बंटवारे से पहले बांग्लादेश को भी east पाकिस्तान या पूर्व पाकिस्तान कहा जाता था। इसी लिए हम वेस्ट बंगाल को वेस्ट बंगाल बोलते हैं। बांग्लादेश 26 मार्च को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है।

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देखीए जब हमारा देश आज़ाद हुआ तो बस पाकिस्तान हमारे देश से अलग नहीं हुआ था बल्की बांग्लादेश और वेस्ट बंगाल का भी बँटवारा हुआ था। लेकिन पाकिस्तान के लोग बांग्लादेशियों को बहुत हींन नज़र से देखते थे। पाकिस्तानियों के मन में एक भावना बन गई थी के हम सबसे ऊपर है और बांग्लादेश हमारे नीचे आता है।

जब बंगाल से बांग्लादेश अलग हुआ था तो उसके कुछ समय बाद बांग्लादेश में 7 दिसंबर 1970 को आम चुनाव हुए थे और इसमें अवामी लीग की जीत हुई थी। अवामी लीग के नेता शेख मुजीबुर रहमान एक बहुत ही जोशीले, ताकतवर और लोकप्रिय नेता थे।

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जब पाकिस्तान में यह बात पता चली कि शेख मुजीबुर को बांग्लादेश के लोगों का इतना भारी समर्थन मिल रहा है तो पाकिस्तान को लगा के अगर हम अब कोई कदम नहीं उठाते है तो बांग्लादेश हमारे नीचे ज्यादा दिन नहीं रहेगा।

इसी बात के डर से 1971 में पाकिस्तान के राष्ट्रपति ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो ने आदेश दिया पाकिस्तान के चीफ ऑफ़ आर्मी अघा मुहम्मद याह्या खान को के कुछ भी हो जाये “चाहे बात से या डांट से” लेकिन शेख मुजीबुर रेहमान कभी भी बांग्लादेश का प्रधानमंत्री नहीं बन्ना चाहिए।

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इसी बात को मानने के चक्कर में याह्या खान ने इतिहास के एक सबसे बारे नरसंघार जिसमे लगभग 2 लाख लोग बेघर हो गए थे और तक़रीबन 40000 – 50000 लोगों की मौत हुई थी, को बांग्लादेश में अंजाम दिया था। देखीए साल 1971 के शुरुआत से ही भारत और पाकिस्तान के रिश्ते ख़राब हो गए थे।

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इसका सबसे बड़ा कारण “नेशनल लिबरेशन फ्रंट” के दो संप्रदाय वादी हाशिम कुरैशी और उसके भाई अशरफ कुरैशी थे। जिन्होंने भारतीय एरोप्लेन गंगा, जो की श्रीनगर से जम्मू जा रही थी उसे हाईजैक कर लाहौर मोर लिया था। इस वजह से भारत सरकार ने अपनी सिमा के ऊपर से पाकिस्तानी प्लेनों कि उड़ान पर प्रतिबंध लगा दी थी।

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इसके बाद भारत प्रधानमंत्री इंद्रा गांधी ने बांग्लादेश की मदत के लिये भारतीय फ़ौज को बांग्लादेश के ओर बेझा। हालकि 1971 का युद्ध ज़ादा दिन नहीं चला था और 19 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान के आर्मी चीफ ए ए के नियाज़ी ने लगभग 93000 पाकिस्तानी जवानो के साथ ढाका में सरेंडर क़र दिया। ए ए के नियाज़ी ने अपना दस्तखत के साथ वो डिक्लेरेशन भारत के लिएउतनान्त जनरल जगजीत सिंह अरोरा को सौपा था।

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इतनी बरी फ़ौज को सर्रेंडर करवाने के बाद भी इंद्रा गांधी ने इन्हे बंधी नहीं बनाया बल्कि अपने मुल्क वापस लौटने के लिये रिहा कर दिया।

बांग्लादेश और भारत के संस्कृति में ज़ादा अंतर नहीं है। हम भारत में बंगाली बोलते हैं और बांग्लादेश में भी बंगाली ही बोली जाती है।बांग्लादेश का नॉमिनल पर कैपिटा जीडीपी 2020 में $1888 था जो कि भारत के $1876 नॉमिनल पर कैपिटा जीडीपी से ज़ादा थ।

अभी बांग्लादेश में सबसे ज़ादा कपडे , जुटे और सीफ़ूड का निर्यात किया जाता है। 2018 में बस निर्यात से ही बांग्लादेश ने $3000 Billion का कारोबार किया था।

भारत को भी बांग्लादेश सबसे ज़्यादा कपडे का निर्यात करता है और इसके अलावा चीन को कपडे और सीफ़ूड का निर्यात करता है। पिछले साल भारत ने बांग्लादेश को कुल $5882 Billion का सामान बेचा था तो वही चीन ने $10349 Billion का सामान बांग्लादेश को बेचा था।

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